Two Liner Hindi Poems And Shayari "हथेली की रेखाओं की परवाह नहीं है मुझे"_Ankit AKP
हथेली की रेखाओं की परवाह नहीं है मुझे मेरे हाँथ में तेरा हाँथ है, बस यही काफी है मेरे लिए.....
हथेली की रेखाओं की परवाह नहीं है मुझे मेरे हाँथ में तेरा हाँथ है, बस यही काफी है मेरे लिए.....
एक बस तुझे ही हक़ है इस दिल की दहलीज़ पे आने का, वरना किसी और का तो, दस्तक देना भी ना गुजारा है मुझे,,,,,