'हम'/Hum
"हम! बोलने में ही वजन जान पड़ता है,, हम...! है न? वैसे तो बहुत ही सामान्य शब्द है 'हम' पर इसके अंदर उतना ही …
"हम! बोलने में ही वजन जान पड़ता है,, हम...! है न? वैसे तो बहुत ही सामान्य शब्द है 'हम' पर इसके अंदर उतना ही …
"आत्मा जिन्दगी के वजूद के लिए होती है, न कि मौत की इसलिए मैं भगवान से यही दुआ करता हूँ कि जब तक ये वजूद जिन्दा रहे,…
"अपने आप से यह कभी मत कहो कि मुझे सब कुछ नहीं आता है, वरना कुछ करने की चाहत खत्म हो जाती है और ना ही कभी …
"वक़्त निकल गया खुद को बदलने का..... इसलिए अब खुद को नहीं, मेरा वक़्त बदलूंगा !"
"जरूरतें कम हैं, ख्वाहिशें ज्यादा हैं वरना इंसान तो कैसे भी जी लेता है !"
न जाने कैसा मंजर था उस रावण-दहन में बच्चे की होंठों पे मुस्कान देखी, तो रावण का जलना समझ में आया लेकिन जब राम की भेष …
झूठ भी है, सच भी है बस फर्क इतना सा है कि झूठ सच को छिपाता है, और सच झूठ को दिखाता है ! और हाँ......हर झूठ के पीछे एक सच…
मेहनत भी मेहनत,मेंहदी की तरह होती है ना मेंहदी की तरह होती है, जैसे मेंहदी लगाने के बाद हम चाहे कि मेंहदी तुरन्त रंग …
Intelligent का tagline मिलना भी बड़ा सिरदर्द होता है क्योंकि जिन्हे ये Intelligent का tagline मिला होता है, उनसे ये उम्मीद …
सही है, सब कुछ सही है सिवाय गलत के..... अब गलत को गलत ढंग से गलत कहें या सही ढंग से गलत कहें, लेकिन गलत तो गलत है उसमें क…