हिन्दी कविता


"आईना - शक्ल दिखाने आए हो?" (कविता)

"शक्ल दिखाने आए हो  या देखने आए हो  या मिले हैं जो निशान जख़्म के  उन्हीं को अंदर तक झाँकने आए हो  या तुम्हारे नाम के भ…

जून 17, 2020

"कविता - वो बातें याद आतीं हैं ('बचपन') "

"बातें जो पहले याद आतीं हैं फिर हंसातीं हैं और फिर, रुलातीं हैं बातें  जो बेवक्त ही  ज़हन में आतीं हैं  कभी हसीन लम्हों…

मई 20, 2020
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कविता - "सोच"

"अपनी बातों के अल्हड़पन में वो अपने जज्बातों के नन्हेंपन से रूबरू कराती है अपनी हर इक अदा में वो बा'अदब मासूमि…

मई 7, 2020
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"दिमाग के पैदल" Hindi Kavita

"कभी -कभी होता है न कि करना कुछ और होता है, हो कुछ और जाता है,, ऐसे ही कुछ दिमाग के पैदल हो जाते हैं, और उसमें कैसी ना…

जन॰ 30, 2020

कविता -"कैसे"/ Kaise_Hindi Poetry_Ankit AKP _2018

कविता शीर्षक - कैसे कैसे मैं खुद को बतलाऊँ कि क्या हूँ मैं  कैसे इस जहान में अपनी पहचान बनाऊँ मैं  कैसे उस मंजिल तक…

दिस॰ 9, 2018