"मेरी ज़िन्दगी तुझसे जोड़ दूँ/Meri Zindagi Tujhse Jod Dun"_Short Hindi love poetry_Ankit AKP
"मेरे हाँथ की लकीरों को तेेरे हाँथ की लकीरों से जोड़ दूँ अपनी हर खुशी काे तेरी मुस्कान से जोड़ दूँ कुछ नही…
"मेरे हाँथ की लकीरों को तेेरे हाँथ की लकीरों से जोड़ दूँ अपनी हर खुशी काे तेरी मुस्कान से जोड़ दूँ कुछ नही…
"पुरानी ऐनक के पीछे की, ये आँखें भी अब पुरानी हो चुकी हैं इतनी पुरानी.... कि वो छवि भी अब धुंधली सी दिखती याद आ…