Jab Chaurahe Par Khada Tha Main


"जब चौराहे पर खड़ा था मैं"_Hindi Poetry 2019_Ankit AKP

"चौराहे पर खड़ा था मैं, आस लगाए लोगों की; चाहता था कोई, सुने मेरी पुकार मुझे क्या तकलीफ थी, पूछे कोई; मुझे आस …

फ़र॰ 7, 2019