Hindi Poetry "ज़िन्दगी के रंगरे़ज / Zindagi Ke Rangrez"_My Thoughts
मुस्कान की तीली से चलो थोड़ी खुशी की चिंगारी जला लेने दो ; किसी को जलाना है मुझे जरा मेरे आसूँ छुपा लेने दो ; बेख़बर…
मुस्कान की तीली से चलो थोड़ी खुशी की चिंगारी जला लेने दो ; किसी को जलाना है मुझे जरा मेरे आसूँ छुपा लेने दो ; बेख़बर…
"सुबह देखी थी जो पहली किरन ढलती शाम की अंतिम हो गई लोहित था, लोहित ही है एक आने की तो एक जाने की बस यही वो…
ये जिन्दगी हमसे, नाराज बैठी है ये जिन्दगी हमसे, उस पार बैठी है; ये जिन्दगी है कहीं हंसने, तो कहीं रोने बैठी है क…
कविता शीर्षक - कैसे कैसे मैं खुद को बतलाऊँ कि क्या हूँ मैं कैसे इस जहान में अपनी पहचान बनाऊँ मैं कैसे उस मंजिल तक…
नादान था दुनिया से अनजान था; बेखबर हर बात से क्या झूठ, क्या सच, क्या बेईमानी, और क्या ईमान था; हमेशा बस मैं …
Just open this link, Apni awaaz mein iss shayari ko padhiye,acchi na bhi hogi tab bhi shayad aapko acchi lagegi https://yo…
एक बस तुझे ही हक़ है इस दिल की दहलीज़ पे आने का, वरना किसी और का तो, दस्तक देना भी ना गुजारा है मुझे,,,,,
जहर का घूँट ये, कहाँ पी पायेंगे तुझसे दूर भला, हम कैसे जी पायेंगे हाँथ थामकर हाँथ छुड़ाया था तुमने अब कैसे भला कोई और, …
"पुरानी ऐनक के पीछे की, ये आँखें भी अब पुरानी हो चुकी हैं इतनी पुरानी.... कि वो छवि भी अब धुंधली सी दिखती याद आ…