hindi poetry


Hindi Poetry "ज़िन्दगी के रंगरे़ज / Zindagi Ke Rangrez"_My Thoughts

मुस्कान की तीली से चलो थोड़ी खुशी की चिंगारी जला लेने दो ; किसी को जलाना है मुझे जरा मेरे आसूँ छुपा लेने दो ; बेख़बर…

जुल॰ 18, 2019
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कविता -"सूरज : जिन्दगी की पहचान"/Suraj : Jindagi ki Pehchan_Ankit AKP

"सुबह देखी थी जो पहली किरन  ढलती शाम की अंतिम हो गई  लोहित था, लोहित ही है एक आने की तो एक जाने की  बस यही वो…

दिस॰ 16, 2018

जिन्दगी हमसे नाराज बैठी है / Zindagi Humse Naraj Baithi Hai_Hindi Poetry_Ankit AKP

ये जिन्दगी हमसे, नाराज बैठी है ये जिन्दगी हमसे, उस पार बैठी है; ये जिन्दगी है कहीं हंसने, तो कहीं रोने बैठी है क…

दिस॰ 11, 2018
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कविता -"कैसे"/ Kaise_Hindi Poetry_Ankit AKP _2018

कविता शीर्षक - कैसे कैसे मैं खुद को बतलाऊँ कि क्या हूँ मैं  कैसे इस जहान में अपनी पहचान बनाऊँ मैं  कैसे उस मंजिल तक…

दिस॰ 9, 2018

अब मैं जिम्मेदार था /Ab Main Jimmedar Tha_Ankit AKP

नादान था दुनिया से अनजान था; बेखबर हर बात से क्या झूठ, क्या सच, क्या बेईमानी, और क्या ईमान था; हमेशा बस मैं …

अक्टू॰ 13, 2018

Hindi Shayari on YouTube मुझे तुमसे प्यार हो गया _Ankit AKP

Just open this link, Apni awaaz mein iss shayari ko padhiye,acchi na bhi hogi tab bhi shayad aapko acchi lagegi https://yo…

सित॰ 5, 2018

Two Liner Hindi Shayari 'एक बस तुझे ही हक़ है इस दिल की दहलीज़ पे आने का'_Ankit AKP

एक बस तुझे ही हक़ है इस दिल की दहलीज़ पे आने का, वरना किसी और का तो, दस्तक देना भी ना गुजारा  है  मुझे,,,,,

सित॰ 3, 2018

Love Shayari /Poetry "क्या हम जी पायेंगे ?"_Ankit AKP/Hindi 2018

जहर का घूँट ये, कहाँ पी पायेंगे तुझसे दूर भला, हम कैसे जी पायेंगे हाँथ थामकर हाँथ छुड़ाया था तुमने अब कैसे भला कोई और, …

सित॰ 2, 2018

पुरानी ऐनक - Purani Ainak_Ankit AKP

"पुरानी ऐनक के पीछे की, ये आँखें भी अब पुरानी हो चुकी हैं इतनी पुरानी.... कि वो छवि भी अब धुंधली सी दिखती याद आ…

अग॰ 30, 2018