"दिल का दर्द" /"Dil Ka Dard" Latest Hindi Poetry 2019 _Ankit AKP
आजकल जो अन्दर मेरे रहता है देखो कुछ कहता है या... बस चुपचाप रहता है कितनी भी खामोशी हो या कितना ही शोर देखो कुछ फर्क…
आजकल जो अन्दर मेरे रहता है देखो कुछ कहता है या... बस चुपचाप रहता है कितनी भी खामोशी हो या कितना ही शोर देखो कुछ फर्क…