जिन्दगी


जिन्दगी हमसे नाराज बैठी है / Zindagi Humse Naraj Baithi Hai_Hindi Poetry_Ankit AKP

ये जिन्दगी हमसे, नाराज बैठी है ये जिन्दगी हमसे, उस पार बैठी है; ये जिन्दगी है कहीं हंसने, तो कहीं रोने बैठी है क…

दिस॰ 11, 2018
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