दीवानगी_Hindi Shayari 2019
आज देखी वो दीवानगी, जो सर चढ़कर पागलपन हो गयी पागलपन इस हद तक, कि मोहब्बत से परे हो गयी मोहब्बत थी भी, कि नहीं क्या…
आज देखी वो दीवानगी, जो सर चढ़कर पागलपन हो गयी पागलपन इस हद तक, कि मोहब्बत से परे हो गयी मोहब्बत थी भी, कि नहीं क्या…