"लिखता हूँ /Likhta Hu" Love Poetry_Ankit AKP
"बातों के दरमियान पनपती अपनी मोहब्बत लिखता हूँ , तुझे देख होंठों पे जो मुस्कान सजती बस वही मुस्कान की छाप लिखता…
"बातों के दरमियान पनपती अपनी मोहब्बत लिखता हूँ , तुझे देख होंठों पे जो मुस्कान सजती बस वही मुस्कान की छाप लिखता…
"अभी कुछ ज्यादा नहीं मांगा है बस प्यार से एक प्यार मांगा है ; दिल की धड़क से जिंदगी की हलक तक, एक-एक रूह पर जिस…
Woh, uska mukhda aur mera ishq आजकल वो जैसे मेरे, गीतों का सुर बांधती है गले में जैसे मेरे, सरस्वती बन विराजती है; …
"तुम भी कर लिया करो" हल्की-फुल्की कोशिशें, तुम भी कर लिया करो; मोहब्बत है, कोई पाप नहीं हम तो करते ही हैं, कु…
मौसम के मिज़ाज में, सावन की बौछार पड़ी है एक धुंधला सा चेहरा है सामने, जो बारिश की की बूँदों के पार खड़ी है......