"आईना - शक्ल दिखाने आए हो?" (कविता)
"शक्ल दिखाने आए हो या देखने आए हो या मिले हैं जो निशान जख़्म के उन्हीं को अंदर तक झाँकने आए हो या तुम्हारे नाम के भ…
"शक्ल दिखाने आए हो या देखने आए हो या मिले हैं जो निशान जख़्म के उन्हीं को अंदर तक झाँकने आए हो या तुम्हारे नाम के भ…
"अपनी बातों के अल्हड़पन में वो अपने जज्बातों के नन्हेंपन से रूबरू कराती है अपनी हर इक अदा में वो बा'अदब मासूमि…
कुछ रुका कुछ चला सा हूँ मत पूछो किस कदर खला सा हूँ अपने और अपनों के दरमियान फंसा सा हूँ यूँ समझो अपने ही पंजों में क…
बाजार सज गए हैं दिवाली है, सब बस इसी में रम गए हैं बाजार सज गए हैं! घर की दहलीज़ की दुकानें भी, दहलीज़ पार कर बाहर …
ज़िन्दगी के बेहिसाब सिक्कों से, मैंने अपने हिसाब के सिक्के चुन लिए इन हिसाबी सिक्कों की कीमत बेहिसाब करने, न जाने मैं…
मुस्कान की तीली से चलो थोड़ी खुशी की चिंगारी जला लेने दो ; किसी को जलाना है मुझे जरा मेरे आसूँ छुपा लेने दो ; बेख़बर…
आजकल जो अन्दर मेरे रहता है देखो कुछ कहता है या... बस चुपचाप रहता है कितनी भी खामोशी हो या कितना ही शोर देखो कुछ फर्क…
"चौराहे पर खड़ा था मैं, आस लगाए लोगों की; चाहता था कोई, सुने मेरी पुकार मुझे क्या तकलीफ थी, पूछे कोई; मुझे आस …
ये जिन्दगी हमसे, नाराज बैठी है ये जिन्दगी हमसे, उस पार बैठी है; ये जिन्दगी है कहीं हंसने, तो कहीं रोने बैठी है क…
कविता शीर्षक - कैसे कैसे मैं खुद को बतलाऊँ कि क्या हूँ मैं कैसे इस जहान में अपनी पहचान बनाऊँ मैं कैसे उस मंजिल तक…
" दिल अब इं सान हो चला है " मेरा दिल कुछ पाक सा हो चला है मुझे नहीं पता किस कदर पर लगता है इंसान स…
नादान था दुनिया से अनजान था; बेखबर हर बात से क्या झूठ, क्या सच, क्या बेईमानी, और क्या ईमान था; हमेशा बस मैं …
#वोइंसानहै पता नहीं कौन है, कहाँ से आया है ? पहचान पूछो तो इंसान बताता है, नाम पूछो तो काम बताता है पता नहीं किस जगह,…
मौसम के मिज़ाज में, सावन की बौछार पड़ी है एक धुंधला सा चेहरा है सामने, जो बारिश की की बूँदों के पार खड़ी है......
"गर्मी के दिन हैं आयें" # Summerseason फिर गर्मी के दिन हैं आयें साथ धूप की छाया लायें …
अभी-अभी तो वह रेंगा था लोगों ने उसे कुचलना शुरू कर दिया; उसने लोगों से अपनी जान बचानी चाही तो लोगों ने उसे हमला समझ …
सही है, सब कुछ सही है सिवाय गलत के..... अब गलत को गलत ढंग से गलत कहें या सही ढंग से गलत कहें, लेकिन गलत तो गलत है उसमें क…
जहर का घूँट ये, कहाँ पी पायेंगे तुझसे दूर भला, हम कैसे जी पायेंगे हाँथ थामकर हाँथ छुड़ाया था तुमने अब कैसे भला कोई और, …
"कास कुछ ऐसा हो जाए, मेरी जिन्दगी की सारी मुश्किलें दूर हो जाए कास कुछ ऐसा हो जाए, मेरी जिन्दगी के हर जख्म दूर हो …
"पुरानी ऐनक के पीछे की, ये आँखें भी अब पुरानी हो चुकी हैं इतनी पुरानी.... कि वो छवि भी अब धुंधली सी दिखती याद आ…